पानीपत, हरियाणा व्यापार मंडल एवं ब्रह्माकुमारीज सेंटर पानीपत द्वारा “तनाव घटे व्यापार बढ़े” के उपलक्ष में शगुन फ़ार्म में एक कार्यक्रम किया गया। जिसमे मुख्य वक्ता ई.वी गिरीश(मोटिवेशनल स्पीकर मुंबई) , मुख्य अतिथि श्री गजेंद्र सलूजा(माननीय सांसद प्रतिनिधि) रहे व मुख्य अध्यक्षता श्री विजय लक्ष्मी चंद गुप्ता (चेयरमैन हरियाणा व्यापार मंडल) ने की। प्रोग्राम में मुख्य आकर्षण कान्हा जी का फूल बंगला रहा और कियारा बच्ची ने वंदे मातरम प्रस्तुति पर बहुत सुंदर नृत्य किया। निमृत डांस अकैडमी के बच्चो ने मिलकर बहुत सुंदर रास किया और सभी से कराया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों ने प्रोग्राम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित करके की । सुरेश काबरा ने मंच संचालन किया। ई.वी गिरीश ने तनाव घटे,व्यापार बढ़े के बारे में बताया कि आज व्यापार तो बढ़ रहा है लेकिन साथ साथ तनाव भी बढ़ रहा है।इसका मुख्य कारण क्या है कि हम मुस्कुराना भूल गए है।उधारण देते हुए कहा कि जो एक साल से छोटा बच्चा होता है वो चौबीस घंटे में 300 बार के करीब मुस्कुराता है बिना किसी कारण के।आज हम इतने बुद्धिमान होते हुए,ज्ञानी होते हुए क्यो नहीं मुस्कुरा पाते।मुस्कुराने के लिए कारण नहीं चाहिए होता।तनाव का हमारे शरीर पर,हमारे संबंधों पर,हमारे व्यापार पर बुरा असर पड़ता है।व्यापार में जैसे-जैसे वृद्धि होती है,वैसे-वैसे जिम्मेदारी और तनाव का बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन अध्यात्म हमें सिखाता है कि हम कर्म करते हुए भी अंदर से शांत कैसे रह सकते हैं।आज हम सब एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ ‘व्यापार बढ़ाना’ सफलता का पैमाना बन चुका है। हम दिन-रात अपने टर्नओवर,प्रॉफिट और मार्केट शेयर को बढ़ाने में लगे हैं। लेकिन इस दौड़ में एक और चीज़ है जो लगातार बढ़ रही है,वह है तनाव।आप केवल अपने निर्णयों और प्रयासों के मालिक हैं, मार्केट के उतार-चढ़ाव के नहीं।जब आप परिणाम की चिंता छोड़कर केवल अपनी सर्वश्रेष्ठ भूमिका निभाते हैं,तो तनाव अपने आप गायब हो जाता है।जब तक आपका उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना रहेगा, तब तक हर छोटी रुकावट आपको तनाव देगी। लेकिन जिस दिन आप अपने व्यापार को समाज की सेवा का माध्यम बना लेंगे कि आप लोगों को रोजगार दे रहे हैं,उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उसी दिन आपका व्यापार एक ’बोझ’ से बदलकर एक ‘आध्यात्मिक साधना’ बन जाएगा।जैसे आप अपने मोबाइल या लैपटॉप को चार्ज करते हैं,वैसे ही आपके मस्तिष्क को भी रीचार्ज की जरूरत होती है। रोज सुबह केवल 10 से 15 मिनट का ध्यान या मौन आपके मानसिक कोलाहल को शांत कर सकता है। यह आपको शांत रहकर बड़े और कड़े फैसले लेने की शक्ति देता है। मन का भोजन,मन का व्यायाम ,मन का काम क्या है हमे इस पर विचार करने की आवश्यकता है।मन को सही दिशा में चलाने के लिए मेडिटेशन आवयश्यक है।जब हम अंदर से मुस्कुराएंगे तो हमारे आस पास का वातावरण भी मुस्कुराता होगा। जिस फैक्ट्री में हम चौबीस घंटे व्यापार करते है ,क्या हम मन की फैक्ट्री के लिए थोड़ा सा समय नहीं दे सकते। हमारे जीवन में तनाव का मुख्य कारण हम ख़ुद है, हमारी सोच है। हम परिस्थितियों को नियंत्रित नहीं कर सकते,हम अपने मन,बुद्धि और संस्कार को नियंत्रित कर सकते है।जैसे मेरे जीवन में तनाव का कारण हम ख़ुद है,वेसे ही सफलता,ख़ुशी का कारण भी हम ख़ुद ही है। इस कार्यक्रम में संजय अग्रवाल,अतुल मित्तल,भूपेश अग्रवाल,अतुल गुप्ता,विजय तायल,परवीन गुप्ता,प्रशांत झाँ,राजेश जैन,रोहित महाना,एच एस धम्मू,राजेश गोयल,राकेश गर्ग,बलबीर गंगस,डॉ सेतिया अन्नू अग्रवाल,आदि उपस्थित रहे। अंत में सभी ने प्रसाद लेकर प्रस्थान किया।
“तनाव घटे, व्यापार बढ़े” : हरियाणा व्यापार मंडल व ब्रह्माकुमारीज सेंटर ने दिया तनावमुक्त व्यापार का संदेश
+ There are no comments
Add yours