भारत के औद्योगिक इतिहास में ऐतिहासिक दिन: पहला सेमीकंडक्टर प्लांट राष्ट्र को समर्पित

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गुजरात को रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड ₹17,366 करोड़ का बजट आवंटन

गांधीनगर, 01 मार्च 2026, माननीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 28 फरवरी और 01 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांधीनगर स्थित गुजरात सेमीकंडक्टर कॉन्फ्रेंस 2026 में मीडिया को संबोधित किया।

अपने संबोधन में मंत्री महोदय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया है। भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने का जो संकल्प लिया गया था, वह अब साकार हो रहा है।

उन्होंने बताया कि स्वीकृत 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में से चार का उद्घाटन एवं उत्पादन वर्ष 2026 में प्रस्तावित है, जिनमें से एक का शुभारंभ हो चुका है तथा तीन अन्य इसी वर्ष प्रारंभ होंगे। अन्य परियोजनाओं पर भी तीव्र गति से कार्य जारी है।

धोलेरा में टाटा फैब सहित विकसित हो रहा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम देश के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस दिशा में राज्य सरकार के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों के लिए माननीय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का विशेष आभार व्यक्त किया गया।

रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश, विकास को नई गति

मंत्री महोदय ने बताया कि भारतीय रेलवे द्वारा इस वर्ष गुजरात को रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड ₹17,366 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009–14 के दौरान राज्य को औसतन केवल ₹589 करोड़ प्रतिवर्ष का बजट मिलता था।

वर्तमान में राज्य में ₹1,28,748 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। राज्य के 87 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिनमें से 20 स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। अहमदाबाद, सूरत, उधना और सोमनाथ सहित अनेक प्रमुख स्टेशनों पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है।

बुलेट ट्रेन परियोजना में तीव्र प्रगति, 2027 तक संचालन लक्ष्य

मुंबई–अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। परियोजना पूर्ण होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 1 घंटा 57 मिनट रह जाएगा l

भारत विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है

सेमीकंडक्टर, रेलवे और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे इन ऐतिहासिक निवेशों और परियोजनाओं से भारत आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और आधुनिक अवसंरचना की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

माननीय प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में भारत वैश्विक स्तर पर औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

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