कूटनीति से लोकतंत्र तक: दिल्ली विधानसभा में आयोजित ‘होली मिलन’ ने एकता और नागरिक कर्तव्य की पेश की मिसाल

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नई दिल्ली, 3 मार्च 2026 “होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है; यह भारत की सभ्यता की शक्ति, हमारी लोकतांत्रिक भावना और सत्य एवं धर्म की स्थायी जीत का उत्सव है,” ये विचार दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने आज दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित भव्य ‘होली मिलन’ समारोह के दौरान व्यक्त किए। ऐतिहासिक विधानसभा परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में राजनयिक समुदाय, राजनीतिक नेतृत्व और जन प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक सद्भाव और अंतर्राष्ट्रीय सद्भावना का अनूठा प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर विभिन्न देशों के माननीय राजदूत, उच्चायुक्त और राजनयिक कोर के विशिष्ट सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित थे। समारोह में दिल्ली विधानसभा के माननीय उपाध्यक्ष श्री मोहन सिंह बिष्ट, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा, पूर्व सांसद श्री रमेश बिधूड़ी, और विधानसभा सदस्यों में श्री अरविंदर सिंह लवली, श्री कैलाश गहलोत, श्री संजय गोयल, डॉ. अनिल गोयल, श्री रविंदर सिंह नेगी, श्री सूर्य प्रकाश खत्री सहित कई अन्य विधायक शामिल हुए।

कार्यक्रम में श्रीलंका की उच्चायुक्त महामहिम सुश्री प्रदीपा महिषिनी कोलोने, चीन के राजदूत महामहिम श्री जू फेइहोंग, नेपाल के राजदूत महामहिम डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा, मॉरीशस की उच्चायुक्त महामहिम श्रीमती शीलाबाई बापू (GOSK), इराक के चार्ज डी’अफेयर्स श्री ओडे हातिम मोहम्मद, मोल्दोवा की चार्ज डी’अफेयर्स श्रीमती डाना पायू और दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त महामहिम प्रोफेसर अनिल सूकलल सहित 31 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें रूसी संघ, चिली, सूडान, वेनेजुएला, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों की उपस्थिति ने वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते कूटनीतिक संबंधों को प्रदर्शित किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में प्रह्लाद और होलिका की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य और नैतिक साहस की हमेशा जीत होती है। उन्होंने राधा-कृष्ण की परंपराओं का स्मरण करते हुए होली को मानवता और प्रेम का प्रतीक बताया।

समारोह का एक मुख्य आकर्षण श्री विट्ठल भाई पटेल (केंद्रीय विधान परिषद के पहले भारतीय अध्यक्ष) पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग थी। इस फिल्म ने भारत की समृद्ध संसदीय विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान विधायी स्वतंत्रता की रक्षा में उनके योगदान को जीवंत कर दिया।

इस 90 मिनट के सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत की कलात्मक धरोहर की झलक देखने को मिली। इसमें कथक नृत्य, पारंपरिक कठपुतली प्रदर्शन और मध्य प्रदेश के मल्लखंब के हैरतअंगेज प्रदर्शन ने मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विभिन्न राज्यों के लोक नृत्यों ने भारत की ‘विविधता में एकता’ को बखूबी दर्शाया।

अंत में, श्री विजेंद्र गुप्ता ने दिल्लीवासियों को होली की शुभकामनाएँ देते हुए सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होली मनाने की अपील की। उन्होंने हर्बल गुलाल का उपयोग करने, रसायनों से बचने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया।

समारोह का समापन गणमान्य व्यक्तियों और राजनयिकों के बीच परस्पर शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ हुआ, जिसने मित्रता और आपसी सम्मान के बंधन को और मजबूत किया।

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